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निर्देश: निम्नलिखित अवतरण के आधार पर प्रश्न का उत्तर दीजिए। प्रश्नों के उत्तर केवल दिए गए गद्यांश पर ही आधारित होने चाहिये| 
देश की उन्नति के लिए गाँधीजी ने ग्रामोन्नति को सर्वोपरि माना है। भारतीय ग्राम, भारत की प्राचीन सभ्यता व संस्कृत के प्रतीत हैं। ग्राम ही भारवर्ष की आत्मा हैं और सम्पूर्ण भारत उनका शरीर। शरीर की उन्नति आत्मा की स्वस्थ स्थिति पर निर्भर है। आत्मा के स्वस्थ होने पर ही संपूर्ण शरीर में नवचेतना व नवशक्ति का संचार होता है। आज भी भारत की साठ प्रतिशत जनसंख्या गॉंवों में ही बसती है। गाँधीजी कहा करते थे-‘भारत का हृदय गाँवों में बसता है। गाँवों की उन्नति से ही भारत की उन्नति हो सकती है। गाँवों में ही सेवा और परिश्रम के अवतार किसान बसते हैं।’ अतः भारत की उन्नति नगरों की उन्नति पर नहीं अपितु गाँवों की उन्नति पर निर्भर करती है। अतः ग्रामोन्नति का कार्य देशोंन्नति का कार्य है। महाकवि सुमित्रनन्दन पन्त ने ‘भारतवर्ष का वास्तविक स्वरूप गाँवों में है।

भारत की उन्नति निर्भर करती है-

A
B
C
D

EXPLANATION

भारत की उन्नति ग्रामों की उन्...

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